Day: February 18, 2019

लहजा | LOVE Shayari

फ़क़त पँख नहीं है उसके, मगर लहजा परियों सा है ।

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ज़माने | Hindi Poetry

वो लोग मुझे चिढ़ाने लगे है, मिरे दिल को तेरा घर बताने लगे है, उन को समझाएं कोई आसां नहीं मुहब्बत, दिल को दिल बनाने में ज़माने लगे है ।

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