Dosti | Hindi Poetry

रेडियो पे बजते
गाने
,
संग वही कुछ
दोस्त पुराने
,
आधा भरा वो ग्लास,
और प्लेट में कुछ
मूंगफली के दाने ।

चले थे साथ हम
दुनिया आज़माने
,
ज़िन्दगी की धुन
पर
,
खुशियों के गीत
गुनगुनाने
|
सफर इतना मुश्किल
होगा
,
अब कौन जाने,
कुछ ठहरते है, फिर चलते हैं,
होंठों पे लिए
वही तराने ।


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2 thoughts on “Dosti | Hindi Poetry

  1. Last line is amazing, buddy. Makes me want to sing it!

    1. Thanks buddy 🙂

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