लकीरों | Hindi Poetry

कभी
सीने से भी लगा ले
,
मैं सिर्फ़ तस्वीरों में रहना नहीं चाहता,
कभी तेरे हाथों को चूम ले,
मैं सिर्फ़ लकीरों में रहना नहीं चाहता ।

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