बेदर्द ज़िन्दगी | Hopeless

हर
कोई तनहा यहाँ
, यहाँ कोई ना किसी का हमदर्द है,
बेदर्द सी
ज़िन्दगी थी और आज भी बेदर्द है |

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12 thoughts on “बेदर्द ज़िन्दगी | Hopeless

    1. THanks for reading 🙂

  1. बहुत सुंदर पंक्तियाँ.

    1. शुक्रिया सर |

  2. बहुत खूब। मेरे ब्‍लाग पर आपका स्‍वागत है।

    1. शुक्रिया दोस्त |

  3. bahut sundar… dard se otprot kavita…

    1. Shukriya dost 🙂

  4. short but says a lot. 🙂

    1. THanks buddy 🙂

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