Jab Main Milunga Rab Se


सोच रहा हूँ कब से जब मैं मिलूँगा रब से
तो क्या मांगूंगा
,
मेरे हिस्से की
सज़ा मुझे मिल चुकी है या फिर अभी क़यामत बाकि है
,
जब मिलूँगा कल
रब से तो ये हिसाब जानूंगा
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Keyword Tag – Hindi Poems, Satire, Sadness, Lonely, Crying, Lost Soul, Hope

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