Mere Labo Ne Aaj Phir Tera Naam Liya Hai

♥ साँसों ने धड़कन को पैगाम
दिया है
,
मैंने आज फिर तेरी यादों का जाम पीया है  
 चांदनी जो कहीं छिप गयी थी गुमसुम आसमान
में
,
मैंने सपनो के शीशों से आज फिर तेरा दीदार
किया है
 
 कहीं मर ना जाऊं मैं इस ग़म-ए-दिल को
छिपाकर
,

की मेरे लबों ने आज फिर तेरा नाम लिया है

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4 thoughts on “Mere Labo Ne Aaj Phir Tera Naam Liya Hai

  1. hi ms maine aapke poems padhe its really nice waise ye saare poems aapne likhe kiske liye hain

  2. hi ms maine aapke poems padhe its really nice

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