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M S Mahawar's Blog...

तुझे भूलकर और करेंगे क्या...

बर्क़-ए-जमाल-ए-यार | Urdu Shayari

बर्क़-ए-जमाल-ए-यार हमसे सहा ना गया, अँधे हो गए मगर देखें बिना रहा ना गया ।

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मुस्कुराए | Hindi Poetry

कोई भला अब मुस्कुराए भी तो कैसे, जो नहीं है वो नज़र आए भी तो कैसे, जिन्हें याद कर हम हर पल जीये, उन्हें अब भूलकर मर जाए भी तो कैसे ।

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तेरी सादगी | Hindi Shayari

वो ठंडा पानी और तेरी सादगी गिरती बर्क़ है, शराब और तेरी आँखों में इतना ही फर्क़ है ।

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भुलाया नहीं | Sad Shayari

शायद भूल थी मेरी, जो तुम्हें भुलाया नहीं, . जो इक उम्र दिल में रहा, वो कभी नज़र आया नहीं ।

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उलझाना | Hindi Shayari

उन्हें सिर्फ़ बातें बनाना आता है, सिर्फ़ जुल्फ़ों को उलझाना आता है, जिनके दिल में हम सुकूँ तलाशते रहे, उन्हें बस इश्क़ में तड़पाना आता है ।

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तन्हाई | Sad Poetry

हमनें रास्ते को उलझाए रखा, मंजिल से फासला बनाए रखा, कभी यूँ भी ना चले तिरी ज़ानिब, हमनें तन्हाई से दिल लगाए रखा ।

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मौसम | बारिश शायरी

कभी तेज हो जाती है तो कभी ठहर जाती है, बारिश और तेरी याद का मौसम एक जैसा है ।

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मुहब्बत बूढ़ी | Urdu Poetry

चार कदम चली और थक कर सो गई, कच्ची उम्र में मुहब्बत बूढ़ी हो गई ।

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रोशनी | Hindi Shayari

उसे कहीं रोशनी नहीं मिली, वो दिया ख़ुद ही जलकर मर गया ।

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फ़िज़ूल | Sad Shayari

ख़ुदा के हर दर पे मिरे सज्दे सारे फ़िज़ूल गए, तुझे तो माँग लिया हम नसीब माँगना भूल गए ।

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