तन्हाई | Sad Poetry

हमनें रास्ते को उलझाए रखा,
मंजिल से फासला बनाए रखा,
कभी यूँ भी ना चले तिरी ज़ानिब,
हमनें तन्हाई से दिल लगाए रखा ।

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