Sanam Re | Infinite Love

रास्ता तू ही और मंज़िल तू ही,
चाहे जितने भी चलूँ मैं कदम 
♥♥

तुझसे ही तो मुस्कुराहटें मेरी,
तुझ बिन ज़िन्दगी भी है सितम 
♥♥

जितनी भी महोब्बत करूँ मैं तुझसे,
उतनी ही है कम 
♥♥

हर लम्हा तुझे ही चाहूँ,

चाहे जितने भी लूँ मैं जन्म 
♥♥

रब तू ही और दुआ तू ही,
तुझे और कितना मैं चाहूं सनम 
♥♥


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4 thoughts on “Sanam Re | Infinite Love

  1. Auperb once again !!
    Har baar pehle se acha likhte dete h aap…. meri tareef b khatm ho gai h…. 😉
    Seriously it always makes me smile..

    1. Thank you so much, Shraddha 🙂

  2. Touching lines. Loved it 🙂

    1. THanks Purba 🙂

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