Tag: Urdu Poetry

इंतिज़ार | Hindi Poetry

उनके घर से निकलने के इंतिज़ार में है, “मैं” नहीं मेरा इंतिज़ार तेरे प्यार में है ।

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वो कौन था | Pyar Shayari

उम्र भर साथ रहा मगर कभी छुआ नहीं, वो कौन था जो मेरा होकर भी मेरा हुआ नहीं ।

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तसल्ली | Urdu Sher

मिरी मुस्कुराहट देखकर उन्होंने तसल्ली कर ली, हमेशा ख़ुश रहना मुहब्बत का सलीका नहीं दोस्त ।

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बर्क़-ए-जमाल-ए-यार | Urdu Shayari

बर्क़-ए-जमाल-ए-यार हमसे सहा ना गया, अँधे हो गए मगर देखें बिना रहा ना गया ।

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मुस्कुराए | Hindi Poetry

कोई भला अब मुस्कुराए भी तो कैसे, जो नहीं है वो नज़र आए भी तो कैसे, जिन्हें याद कर हम हर पल जीये, उन्हें अब भूलकर मर जाए भी तो कैसे ।

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मुहब्बत बूढ़ी | Urdu Poetry

चार कदम चली और थक कर सो गई, कच्ची उम्र में मुहब्बत बूढ़ी हो गई ।

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गुनाह | Sad Shayari

दिल उम्मीद भी करे तो गुनाह क्या है, उसके सिवा दुनिया में और रखा क्या है, यूँ तो हर शख्श ने हमे नाशाद किया, वो भी दिल तोड़ दे तो बुरा क्या है ।

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दरख़्त-ए-ज़िंदगी | Rekhta Shayari

दरख़्त-ए-ज़िंदगी से इक और पत्ता टूट कर गिर गया, साल ऐसे गुज़रा जैसे कोई मेहमाँ आकर वापस अपने घर गया ।

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जुबां | Rekhta

जो बात जुबां से कहनी थी वो इशारों में कह गई, मिरे हिस्से की मुहब्बत उसकी आँखों में ही रह गई ।

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कहानियाँ | Hindi Love Shayari

वो बेख़बर है मेरी मौजूदगी से भी, शायद उसे इश्क़ में कोई मलाल नहीं, सारे जवाब उसने ख़ुद ही सोच लिए, उसके होंठों पे अब कोई सवाल नहीं, आँखों में काज़ल भी है और पलकें झुकी भी है मगर उसकी नज़र में अब वो कमाल नहीं, दिल पिघलता ही नहीं उसकी अदाओं से अब, उसकी […]

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