Tu Meri Ho Jati | Unfulfilled Desires

काश तेरी साँसें,
मेरे लबों को छू
जाती
,
मेरी बाहों में
सिमट कर
,
तू सिर्फ मेरी हो
जाती
♥♥
काश तेरी खुशबूं
में
,
मेरी साँसें खो
जाती
,
मैं तुझे दिल से
पुकारता
,
और तेरी धड़कने
मेरी हो जाती
♥♥

मैं तेरे माथे को
चूमता
,
और तेरी पलकें
शर्म से झुक जाती
,
मैं तेरी जुल्फें
संवारता
,
और तू मुझमें सो
जाती
♥♥

मैं जब आईना भी
देखता
,
तो तू ही नज़र आती
मैं सिर्फ तुझे
सुनता
,
और तेरे सायें में
ज़िन्दगी गुज़र जाती
♥♥
तू जो होती मेरी
बाहों में
,
तो ज़िन्दगी भी
संवर जाती
,
मैं तुझे मेरी रूह
मैं बसा लेता
,
अगर तू मेरी साँसों
में उतर जाती
♥♥
ज़िन्दगी बड़ी आसान
थी
,
अगर तू मेरी हो
जाती,
काश तुझे खोने से
पहले
,
ये ज़िन्दगी खो
जाती
♥♥



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11 thoughts on “Tu Meri Ho Jati | Unfulfilled Desires

  1. how soulful MS 🙂

    1. THank you so much 🙂

  2. वाह! क्या बात है…बेहद खूबसूरत…

    1. बहुत-बहुत शुक्रिया |

  3. Khoobsurat 🙂

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  5. Lovely dear.. 🙂
    i actually liked it.

    1. Thank you so much, Shraddha 🙂

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