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Monday, July 8, 2019

ज़ुल्फ़ | Romantic Shayari


हवा भी बचकर निकलती है,
उनके आरिज़ पे जब ज़ुल्फ़ गिरती है ।


तदबीर | Urdu Couplet


मिरे हर ख़्याल की तस्वीर तू है,
दिल के ज़ख्मों की तदबीर तू है,

लाख दिल को समझाया मगर,
मिरे टूटे ख़्वाबों की तकदीर तू है ।


इंतिज़ार | Hindi Poetry


उनके घर से निकलने के इंतिज़ार में है,
मैं नहीं मेरा इंतिज़ार तेरे प्यार में है ।


आरिज़ | Urdu Shayari


अब बात आगे भी तो कैसे बढ़ाएं,
वो पहले अपने आरिज़ से गेसू तो हटाएं ।