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Wednesday, April 10, 2019

Monday, April 8, 2019

फ़िज़ूल | Sad Shayari


ख़ुदा के हर दर पे मिरे सज्दे सारे फ़िज़ूल गए,
तुझे तो माँग लिया हम नसीब माँगना भूल गए ।


मैखानों | Adhoora iSHQ


थोड़ी तिरी आँखों में थोड़ी मैखानों में गुज़रेगी,
मुहब्बत अभी तो सर चढ़ी है धीरे-धीरे उतरेगी ।


तक़रीरें | LOVE Shayari


मुस्तक़िल उनसे मेरी तक़रीरें होती रही,
ख़ामोशियाँ चीखती रही और आवाज़ें सोती रही ।