.

Sunday, June 23, 2019

भुलाया नहीं | Sad Shayari


शायद भूल थी मेरी,
जो तुम्हें भुलाया नहीं,
.
जो इक उम्र दिल में रहा,
वो कभी नज़र आया नहीं ।


उलझाना | Hindi Shayari


उन्हें सिर्फ़ बातें बनाना आता है,
सिर्फ़ जुल्फ़ों को उलझाना आता है,

जिनके दिल में हम सुकूँ तलाशते रहे,
उन्हें बस इश्क़ में तड़पाना आता है ।


तन्हाई | Sad Poetry


हमनें रास्ते को उलझाए रखा,
मंजिल से फासला बनाए रखा,

कभी यूँ भी ना चले तिरी ज़ानिब,
हमनें तन्हाई से दिल लगाए रखा ।


मौसम | बारिश शायरी


कभी तेज हो जाती है तो कभी ठहर जाती है,
बारिश और तेरी याद का मौसम एक जैसा है ।